Editors Choice

3/recent/post-list

Journey Posts

6/featured/recent

Travel Posts

6/featured/recent

Fast Grid

4/footer/recent

Life Post

6/featured/recent

Story Posts

6/featured/recent

30 Heart-Touching Urdu Shayaris in Hindi: Express Your Emotions

"Urdu Shayari is a beautiful and powerful form of expression that has been cherished for centuries. It is a rich tradition that captures the essence of human emotions and experiences. Whether it be love, heartbreak, longing or inspiration, Urdu Shayari has the power to touch the hearts of people from all walks of life. Our collection of Urdu Shayari is a curated selection of some of the most beautiful and meaningful poetry written in the Urdu language. From romantic poetry to inspirational quotes, we have something for everyone. We invite you to explore the beauty of Urdu literature and discover the power of words and emotions through our collection of Urdu Shayari. Share the love and express yourself through our curated selection of poetry. Join us in celebrating the richness of Urdu literature today!"
Urdu poetry Hindi literature Shayari Emotions Love poetry Heartbreak poetry Expressions Hindi language Urdu language Poetry collection Urdu shayaris Hindi shayaris Emotional poetry
    •  अगर मुझसे टूटा है पैमाने -उल्फत,तुम्हारी नजर क्यों झुकी जा रही है।
    • अपनी तबाहियों का मुझे कोई गम नहीं,
    • तुमने किसी के साथ मुहब्बत निभा तो दी।

    • अपने लुटने का मुझको रंज नहीं, गम अगर है तो सिर्फ इतना,
    • मेरे किरदार की शराफत उसने जो फायदा उठाया हैं।

    • अपने वो रहनुमा हैं कि मंजिल तो दरकनार,
    • कांटे रहे - तलब में बिछाते चले गए।

    • अपनों की दोस्ती ने सिखाया है यह सबक,
    • गैरों की दोस्ती भी इनायत से कम नहीं।

    • अब इन्हें पहचानते भी शर्म आती है हमें,
    • फख्र करते थे कभी हम इनकी मुलाकातों पर ।

    • अब उतर आये हैं वह तारीफ
    • पर,
    • हम जो आदी हो गये दुश्नाम के ।

    • अब वो मिलते भी हैं तो यूँ की कभी,
    • गोया हमसे कुछ वास्ता न था।

    • आज फूलों की बेगानगी देखकर,
    • मुझको काँटों से दामन सजाना पड़ा।

    • आता नहीं खयाल अब अपना भी ऐ 'जलील',
    • इक बेवफा की याद ने सब
    • कुछ भुला दिया।
    • आप कहते हैं बार-बार नहीं,
    • हमको हाँ का भी एतिबार नहीं ।

    • आप गैरों की बात करते हैं, हमने अपने भी आजमाए हैं,
    • लोग कांटों से बचके चलते है, हमने फूलों से जख्म खाए हैं।

    • आम है यूँ तो मेरी बर्बादियों
    • का वाकेआ,
    • वह भी तो कह दें, कोई मर मिटा मेरे लिये ।

    • आया न एक बार भी अयादत को वह मसीह,
    • सौ बार मैं फरेब से बीमार हो चुका।

    • आये तो यूँ कि जैसे हमेशा थे मेहरबाँ,
    • भूले तो यूँ कि जैसे कभी आश्ना न थे।

    • आह का किसने असर देखा है,
    • हम भी अपनी इक हवा बांधते हैं।

    • आह को चाहिए इक उम्र असर होने तक,
    • कौन जीता है तेरी जुल्फ के सर होने तक।

    • इब्तिदा वो थी कि था जीना मुहब्बत में मुहाल,
    • इन्तिहा ये है कि अब मरना भी मुश्किल हो गया।

    • कयामत क्यों नहीं आती इलाही माजरा क्या है,
    • हमारे सामने पहलू में वो गैरों के बैठे हैं।

    • इस तरह से तुमने क्यों देखा मुझे,
    • हर तमन्ना ख्वाब बनकर रह गई।

    • उन गुलों से तो कांटे अच्छे,
    • इसलिए होती है तौहीने- गुलशन ।

    • उनको आरमाँ है हमारी मौत का,
    • मर मिटे ऐ ज़िंदगी जिनके लिए।

    • उन्हें गुस्सा कि उनकी बज्म में मैं किस लिये आया,
    • मुझे यह गम कि वह पहलू में क्यों दुश्मन के बैठे हैं।

    • उम्मीदे -वस्ल ने धोके दिये हैं, इस कदर 'हसरत',
    • कि उस काफिर की हाँ भी नहीं मालूम होती है।

    • उम्र भर जलता रहा दिल और खामोशी के साथ,
    • शम्अ को एक रात की सोजेदिली पर नाज था।

    • उसी को जिसने न की भूलकर भी बात कभी,
    • बगैर याद किये कट न सकी रात कभी।

    • उसी महफिल से मैं रोता हुआ आया हूँ ऐ 'आसी',
    • इशारों से जहाँ लाखों मुकद्दर बदले जाते हैं।

    • एक तुम हो कि वफा तुमसे न होगी, न हुई,
    • एक हम कि तकाजा न किया है, न करेंगे।

    • ऐ हासिले खुलूस बता क्या जवाब दूँ,
    • दुनिया यह पूछती है कि मैं क्यों उदास हूँ।

    • कभी मुझको साथ लेके, कभी मेरे साथ चल के,
    • वह बदल गये अचानक मेरी जिनदगी बदल कर ।

Post a Comment

0 Comments